New Post यह घटना उत्तराखंड के एक छोटे से गाँव की है, जहाँ पहाड़ों के बीच स्थित एक प्राचीन शिव मंदिर था। यह मंदिर हजारों वर्षों से वहाँ मौजूद था और लोगों की अपार श्रद्धा का केंद्र था। मान्यता थी कि जो भी सच्चे मन से महाशिवरात्रि के दिन इस मंदिर में प्रार्थना करता है, उसकी हर मनोकामना पूरी होती है। रहस्यमयी संन्यासी गाँव में एक वृद्ध संन्यासी रहते थे, जिन्हें लोग बाबा शिवानंद के नाम से जानते थे। उनकी बातें रहस्यमयी थीं और वे सदैव कहते थे— "महाशिवरात्रि की रात कोई चमत्कार अवश्य होगा, बस विश्वास रखना।" गाँव के कुछ लोग उनकी बातों को आस्था से सुनते, तो कुछ इसे महज एक कहानी मानते। गुप्त खजाने की खोज गाँव में कुछ लालची लोग थे, जो यह मानते थे कि मंदिर के नीचे एक प्राचीन खजाना छिपा हुआ है। उनमें से एक था धनराज, जो बहुत धूर्त और स्वार्थी था। उसने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर महाशिवरात्रि की रात खुदाई करने की योजना बनाई। जब गाँव के श्रद्धालु मंदिर में जागरण कर रहे थे, धनराज और उसके साथी गुप्त रूप से मंदिर के पिछवाड़े खुदाई करने लगे। जैसे ही उन्होंने ज़मीन खोदनी शुरू की, अचानक ज़ोर की गड...
इस ब्लॉक की लिखी गई सारी कहानियां अपनी कल्पना से लिखी गई है कोई भी पत्र किसी से कोई संपर्क या संबंध नहीं है अगर कोई भी घटना किसी से मिलता है तो यह मात्र एक सहयोग माना जाएगा