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समय यात्रा: विराट का पुनर्जन्म

 


 समय यात्रा: विराट का पुनर्जन्म


भाग 17: छुपा हुआ खतरा


डॉ. आर्यन वर्मा ने समय यात्रा को बंद कर दिया था और अपनी टीम को इस तकनीक को नष्ट करने का आदेश दिया। लेकिन उनके मन में एक बेचैनी थी। वह जानते थे कि विराट, जिसे उन्होंने समय के चक्र से बाहर कर दिया था, पूरी तरह से समाप्त नहीं हुआ था।


कुछ समय बाद, आर्यन की प्रयोगशाला में अजीब घटनाएं होने लगीं। उपकरण बिना किसी कारण चालू हो जाते, और समय पोर्टल के अवशेषों से अजीब संकेत निकलने लगे। आर्यन को महसूस हुआ कि विराट अभी भी किसी न किसी रूप में सक्रिय था।


भाग 18: रहस्यमयी संदेश


एक रात, आर्यन के कंप्यूटर पर अचानक एक संदेश प्रकट हुआ:

"मैं लौट रहा हूं। समय अब मेरा है।"


आर्यन समझ गए कि विराट समय-रेखा की किसी कमजोरी का उपयोग करके फिर से उभरने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने तुरंत अपने पुराने सहयोगी, डॉ. निधि सिंह, को बुलाया। निधि ने कहा, "हमें समय पोर्टल का उपयोग करके उसकी लोकेशन का पता लगाना होगा। लेकिन यह खतरनाक हो सकता है।"


भाग 19: भविष्य की ओर यात्रा


आर्यन और निधि ने समय पोर्टल को फिर से सक्रिय किया और खुद को भविष्य में पाया। यह वर्ष 3000 था, और दुनिया पूरी तरह से बदल चुकी थी। तकनीक ने मानव सभ्यता को बदल दिया था, लेकिन यह स्पष्ट था कि कुछ गड़बड़ थी।


इस भविष्य में विराट ने "काल साम्राज्य" की स्थापना कर ली थी। वह समय की हर रेखा को नियंत्रित कर रहा था और लोगों को अपनी इच्छाओं के अनुसार जीने पर मजबूर कर रहा था।


भाग 20: विराट का सामना


आर्यन और निधि ने विराट के मुख्यालय में प्रवेश किया। विराट ने उन्हें देखते ही कहा, "तुम दोनों समय के खिलाफ हो। मैंने इसे अपनी शक्ति से नियंत्रित किया है। यह मेरा अधिकार है।"


आर्यन ने जवाब दिया, "समय किसी का गुलाम नहीं हो सकता। यह प्रकृति का हिस्सा है। इसे मोड़ने का अधिकार किसी को नहीं है, न तुम्हें, न मुझे।"


विराट ने उन्हें रोकने के लिए अपनी सेना और तकनीकी हथियारों का इस्तेमाल किया, लेकिन आर्यन और निधि ने एक नई योजना बनाई। उन्होंने समय पोर्टल को विराट के काल साम्राज्य के मूल में स्थापित कर दिया, जिससे हर रेखा फिर से अपनी स्वाभाविक स्थिति में लौटने लगी।


भाग 21: अंतिम बलिदान


लेकिन समय पोर्टल को स्थिर रखने के लिए किसी को उसे मैन्युअली नियंत्रित करना था। निधि ने अपने जीवन का बलिदान देने का फैसला किया। उसने आर्यन से कहा, "यह मेरी जिम्मेदारी है। तुम इस युग में बदलाव लाने वाले थे, लेकिन इसे पूरा करना मेरा कर्तव्य है।"


निधि ने पोर्टल को स्थिर किया, और विराट का साम्राज्य ढह गया। समय की हर रेखा फिर से अपने मूल स्वरूप में लौट आई। विराट हमेशा के लिए समय के चक्र में फंस गया।


भाग 22: वर्तमान में वापसी


आर्यन ने वर्तमान में लौटकर पोर्टल को हमेशा के लिए नष्ट कर दिया। लेकिन निधि के बलिदान ने उनके दिल में एक गहरी छाप छोड़ी। उन्होंने महसूस किया कि समय यात्रा केवल एक वैज्ञानिक खोज नहीं, बल्कि एक नैतिक जिम्मेदारी थी।


भाग 23: समय की गूँज


कुछ महीनों बाद, आर्यन को अपने शोध के पुराने कागजात के बीच एक नोट मिला। यह नोट निधि का था, जिसमें लिखा था:

"समय कभी रुकता नहीं। लेकिन जो लोग इसके संतुलन के लिए खड़े होते हैं, वे हमेशा याद रखे जाते हैं।"


आर्यन ने समय यात्रा के विचार को त्याग दिया और शांति से अपने जीवन के बचे हुए दिन बिताने का निर्णय लिया।


समाप्त


(या फिर से शुरू?)

समय का चक्र कभी खत्म नहीं होता। हर अंत एक नई शुरुआत है। कौन जानता है, भविष्य में कोई और समय का रक्षक बनने के लिए आगे आए?


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