New Post परशुराम अवतार कथा परशुराम अवतार भगवान विष्णु के दशावतारों में से छठा अवतार है। यह अवतार धर्म की रक्षा और अन्याय का नाश करने के उद्देश्य से हुआ। परशुराम का जन्म सत्ययुग के अंत में और त्रेता युग के प्रारंभ में हुआ था। उनकी कथा अत्यंत रोचक और प्रेरणादायक है। परशुराम का जन्म परशुराम का जन्म ऋषि जमदग्नि और देवी रेणुका के घर हुआ। वे भृगु वंश से संबंधित थे। उनका जन्म धरती पर अधर्म और अत्याचार को समाप्त करने के लिए हुआ। जन्म के समय उनका नाम राम रखा गया, लेकिन शिव जी से परशु (फरसा) प्राप्त करने के बाद वे "परशुराम" कहलाए। कारण और उद्देश्य उस समय धरती पर अधर्मी और अहंकारी क्षत्रिय राजा अत्याचार कर रहे थे। वे अपनी शक्ति का दुरुपयोग करते हुए ब्राह्मणों और साधु-संतों को कष्ट पहुंचा रहे थे। भगवान विष्णु ने परशुराम के रूप में अवतार लिया ताकि धर्म की स्थापना की जा सके और अत्याचारी क्षत्रियों का विनाश किया जा सके। मुख्य घटनाएं 1. परशुराम और शिव का प्रसंग: परशुराम भगवान शिव के महान भक्त थे। उन्होंने भगवान शिव से दिव्य अस्त्र-शस्त्र और युद्ध कौशल सीखा। शिवजी ने उन्हें अपना परशु (फरसा) ...
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