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Time Travel Series 2

 


 समय यात्रा: अतीत और भविष्य की गूँज


भाग 6: समय की पुकार


अरविंद भले ही घड़ी को नष्ट कर चुका था, लेकिन समय के साथ छेड़छाड़ ने उसकी जिंदगी में गहरे निशान छोड़ दिए थे। कुछ दिनों तक सब सामान्य रहा, लेकिन धीरे-धीरे उसने अपने आसपास अजीब चीजें महसूस करनी शुरू कर दीं।


उसके सपनों में अतीत और भविष्य की झलकें आने लगीं—सुभद्रा की आवाज, डॉ. ईशान की चेतावनियां, और 2150 का वह विनाशकारी दृश्य। उसे लगने लगा कि समय ने उसे फिर से बुलावा भेजा है।


एक रात, जब वह अपने लैब में काम कर रहा था, तो उसके कंप्यूटर स्क्रीन पर अचानक एक संदेश प्रकट हुआ:

"समय अभी स्थिर नहीं है। तुम्हें लौटना होगा।"


भाग 7: खोया हुआ समय


अरविंद ने पहले इसे नजरअंदाज किया, लेकिन अगली सुबह उसने पाया कि उसकी लैब में मौजूद घड़ी के टुकड़े गायब थे। उसने अपने उपकरणों से जांच की, तो पता चला कि घड़ी खुद को पुनर्स्थापित कर रही है।


वह समझ गया कि समय की शक्तियां इतनी सरल नहीं थीं। उसकी हरकतों ने एक नया टाइमलूप शुरू कर दिया था। अब उसे इसे रोकने के लिए फिर से यात्रा करनी होगी।


भाग 8: भविष्य का संकट


घड़ी के संकेतों का पीछा करते हुए, अरविंद फिर से 2150 पहुंच गया। लेकिन इस बार, भविष्य कहीं अधिक अराजक था। समय यात्रा के अवशेषों ने वहां "पैराडॉक्स वॉर" छेड़ दी थी—एक ऐसा युद्ध जिसमें अलग-अलग समय-रेखाओं के लोग एक-दूसरे से लड़ रहे थे।


डॉ. ईशान ने अरविंद से कहा, "यह सब तुम्हारी घड़ी के कारण हुआ है। इसे पूरी तरह से नष्ट करना अब संभव नहीं है। लेकिन इसे स्थिर करना जरूरी है।"


अरविंद को बताया गया कि उसे "समय के मूल" तक पहुंचना होगा, एक ऐसा बिंदु जहां हर समय-रेखा की शुरुआत होती है। यह खतरनाक था, क्योंकि अगर वह असफल हुआ, तो हर समय-रेखा हमेशा के लिए मिट सकती थी।


भाग 9: समय के मूल की ओर


सुभद्रा, जो अब एक अलग समय-रेखा से वापस लाई गई थी, उसकी सहयोगी बन गई। दोनों ने मिलकर समय के मूल की ओर यात्रा शुरू की। यह यात्रा आसान नहीं थी। उन्हें समय के रक्षक नामक शक्तिशाली इकाइयों का सामना करना पड़ा, जो समय की अखंडता बनाए रखने के लिए किसी भी अनधिकृत हस्तक्षेप को रोकती थीं।


सुभद्रा ने कहा, "अरविंद, अगर हम समय के मूल तक पहुंच भी गए, तो इसे ठीक करना तुम्हारे हाथ में होगा। मैं तुम्हें वहां तक पहुंचा सकती हूं, लेकिन निर्णय तुम्हारा होगा।"


भाग 10: अंतिम बलिदान


समय के मूल तक पहुंचते ही, अरविंद ने देखा कि हर समय-रेखा एक-दूसरे से उलझी हुई थी, जैसे एक उलझी हुई डोर। घड़ी को मूल में स्थापित करने पर ही सबकुछ स्थिर हो सकता था, लेकिन इसका मतलब था कि अरविंद को अपनी समय-रेखा को छोड़ना होगा।


सुभद्रा ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन अरविंद जानता था कि यह उसकी जिम्मेदारी थी। उसने घड़ी को मूल में स्थापित कर दिया। अचानक, एक शक्तिशाली विस्फोट हुआ, और हर समय-रेखा अपनी जगह पर लौटने लगी।


भाग 11: एक नई शुरुआत


अरविंद ने खुद को एक शांत जंगल में पाया। उसके पास न तो घड़ी थी, न ही किसी समय यात्रा का साधन। यह उसकी समय-रेखा नहीं थी, बल्कि एक नई शुरुआत थी।


वह जानता था कि अब वह अतीत और भविष्य से जुड़ा हुआ नहीं था। लेकिन उसने यह भी महसूस किया कि उसने समय को बचाकर अपनी सबसे बड़ी जिम्मेदारी पूरी की थी।


समाप्ति (या नई शुरुआत?)

Time Travel Series 3


समय यात्रा अब खत्म हो चुकी थी, लेकिन क्या अरविंद के निर्णय ने हर समय-रेखा को सुरक्षित किया? या उसने अनजाने में एक नई समस्या को जन्म दिया?


(यह कहानी यहीं खत्म होती है, लेकिन समय कभी नहीं रुकता।)


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