समुद्र का श्राप
प्रस्तावना:
द्वार के बंद होने के बाद सब कुछ शांत लग रहा था। तान्या, अंशुल और आर्या ने इस घटना को अपनी यादों के एक अंधेरे कोने में छुपा दिया। लेकिन समुद्र की गहराईयों में कुछ अभी भी जाग रहा था। द्वार से बंधी शक्तियों को बंद तो कर दिया गया था, परन्तु पूरी तरह नष्ट नहीं।
भाग 1: अजीब संकेत
घटना के कुछ महीनों बाद, अंशुल को रहस्यमय संदेश मिलने लगे। वह जब भी समुद्र किनारे जाता, वहां अजीब आकृतियां बालू पर बनी होतीं। तान्या के सपनों में फिर से वही जलमग्न मंदिर दिखाई देने लगा। और आर्या को ऐसा लगता कि वह किसी अदृश्य शक्ति द्वारा हर वक्त निगरानी में है।
तीनों ने तय किया कि वे फिर से समुद्र की ओर लौटेंगे, क्योंकि उनके सवाल खत्म नहीं हुए थे:
क्या मिहिर सचमुच बलिदान देकर सब खत्म कर चुका था?
या कोई और खतरा अभी भी छिपा हुआ था?
भाग 2: पुराने रहस्यों का खुलासा
तीनों एक बार फिर कैप्टन जोनाथन की नाव तक पहुंचे, लेकिन यह जानकर चौंक गए कि जोनाथन जीवित था। उसने बताया कि जब वह मंदिर में गिरा था, तब उसे समुद्र के एक और द्वार का पता चला था। वह द्वार उनके द्वारा बंद किए गए द्वार से भी अधिक शक्तिशाली था।
जोनाथन ने उन्हें बताया कि वह द्वार खुलने वाला है। यदि ऐसा हुआ, तो पूरा समुद्र उफान पर आ जाएगा, और दुनिया में विनाश फैल जाएगा।
भाग 3: समय के खिलाफ दौड़
समुद्र में यात्रा करते हुए, उन्होंने देखा कि लहरें सामान्य से अधिक उग्र थीं। चारों ओर अजीब घटनाएं हो रही थीं। पक्षी दिशा खो रहे थे, और समुद्र से रोशनी की अजीब चमक उठ रही थी।
आखिरकार, वे उस द्वार के पास पहुंचे। लेकिन यह द्वार पिछले वाले से कहीं अधिक बड़ा और जटिल था। द्वार के पास एक शिलालेख था, जिसमें लिखा था:
"जो इसे बंद करने की कोशिश करेगा, उसे अपना सबसे बड़ा डर झेलना होगा।"
भाग 4: भय और बलिदान
जैसे ही उन्होंने द्वार को बंद करने की प्रक्रिया शुरू की, उनके सबसे बड़े डर जीवंत होकर उनके सामने आ गए। तान्या को मिहिर का प्रेत दिखाई दिया, जो उसे दोष दे रहा था। अंशुल को ऐसा लगा जैसे समुद्र उसे खींच रहा है। आर्या का सामना एक विशाल जल-दानव से हुआ।
लेकिन उन्होंने अपने भय पर काबू पाया। जोनाथन ने उन्हें रास्ता दिखाया, लेकिन इसके लिए उसे खुद को फिर से बलिदान देना पड़ा।
भाग 5: नई शुरुआत
द्वार बंद हो गया, लेकिन एक चेतावनी के साथ। समुद्र ने एक बार फिर अपने रहस्यों को छुपा लिया, लेकिन तान्या, अंशुल, और आर्या समझ गए थे कि यह अंत नहीं था।
अंत:
उन्होंने एक-दूसरे से वादा किया कि वे अब कभी समुद्र के इस रहस्य को छूने की कोशिश नहीं करेंगे।
लेकिन जब वे लौट रहे थे, तो समुद्र की गहराई से एक धीमी-सी आवाज गूंजी:
"यह अभी खत्म नहीं हुआ है..."
इस आवाज ने उनकी रीढ़ को सर्द कर दिया। क्या समुद्र उन्हें फिर से बुला रहा था, या यह महज उनका भ्रम था?
शायद कुछ रहस्य कभी खत्म नहीं होते।
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