अम्ल वर्षा: सर्वाइवर (भाग 3)
अध्याय 11: जहरीली धरती पर सफर
रिया को प्राथमिक इलाज देने के बाद, आदित्य ने मॉडिफाइड SUV में ईंधन भरा और सफर प्रोजेक्ट के सुरक्षित जोन की ओर बढ़ने लगा। बेंगलुरु से हिमालय का रास्ता आसान नहीं था। रास्ते में अम्लीय गड्ढे, जहरीली गैसों से भरे क्षेत्र, और म्यूटेंट जीव थे, जो इस जहरीले माहौल में विकसित हो चुके थे।
रात में वे एक अम्लीय झील के पास रुके, जहाँ उन्होंने रेडिएशन-प्रूफ टेंट लगाया। लेकिन जैसे ही वे आराम करने लगे, झील से टॉक्सिक बीस्ट्स निकले—छिपकली जैसे जीव, जिनकी त्वचा इतनी कठोर थी कि अम्लीय पानी भी उन्हें नुकसान नहीं पहुंचा सकता था।
आदित्य ने जल्दी से अपनी SUV के प्लाज्मा गन्स एक्टिवेट कीं, जिससे एक नीली ऊर्जा लहर निकली और कई जीव जलकर गिर गए। लेकिन उनका नेता, एक विशालकाय रेडिएटेड मॉन्स्टर, उन पर झपटा।
अध्याय 12: नया सहयोगी
आदित्य और रिया बचने की कोशिश कर ही रहे थे कि अचानक एक अज्ञात स्नाइपर ने उस दैत्य को मार गिराया। अंधेरे में से एक लंबा, काले जैकेट में लिपटा व्यक्ति बाहर आया।
"तुम लोग भी बचे हुए हो?" उसने पूछा।
यह कबीर सिंह था, जो पहले इंडियन आर्मी में था लेकिन अब अकेले इस जहरीली दुनिया में जिंदा रहने की कोशिश कर रहा था। उसने बताया कि हिमालय के पास का "सफर प्रोजेक्ट" असल में खतरे में था।
अध्याय 13: हिमालय की ओर दौड़
कबीर की जानकारी चौंकाने वाली थी—
- ब्लैक स्कॉर्पियन्स के नेता कैलाश को भी सफर प्रोजेक्ट के बारे में पता लग चुका था और वह पहले ही अपने सैनिकों के साथ वहाँ हमला करने के लिए निकल चुका था।
- सफर प्रोजेक्ट के वैज्ञानिकों ने एक "टेराफॉर्मिंग डिवाइस" विकसित किया था, जो अम्लीय वर्षा को रोक सकता था, लेकिन इसे चालू करने के लिए सुरक्षित ऊर्जा स्रोत चाहिए था।
- अगर कैलाश ने इस डिवाइस को पहले कब्जा लिया, तो वह इसे अपने फायदे के लिए इस्तेमाल कर सकता था।
अब आदित्य, रिया और कबीर को ब्लैक स्कॉर्पियन्स से पहले सफर प्रोजेक्ट तक पहुँचना था।
अध्याय 14: अंतिम लड़ाई
जैसे ही वे सफर प्रोजेक्ट के बंकर तक पहुँचे, उन्होंने देखा कि कैलाश की सेना पहले ही हमला कर चुकी थी। जगह-जगह धुएँ के गुबार, जलती हुई इमारतें और रोबोटिक ड्रोन हवा में मंडरा रहे थे।
आदित्य ने अपने नैनो-सूट का पूरा पावर एक्टिवेट किया और ब्लैक स्कॉर्पियन्स से लड़ने लगा। कबीर अपनी स्नाइपर से दुश्मनों को गिरा रहा था, और रिया हैंड-गन से रास्ता बना रही थी।
लेकिन कैलाश इतनी आसानी से हार मानने वाला नहीं था। वह एक पॉवरफुल एक्सो-सूट पहने हुए था, जो अम्ल वर्षा को सहन कर सकता था। उसकी ताकत एक आम इंसान से दस गुना ज्यादा थी।
अध्याय 15: कलियुग का अंत?
आखिरी लड़ाई में, कैलाश ने आदित्य को बुरी तरह घायल कर दिया। लेकिन तभी रिया ने टेराफॉर्मिंग डिवाइस को एक्टिवेट कर दिया। अचानक, एक तेज ऊर्जा लहर पूरे वातावरण में फैल गई।
धीरे-धीरे, जहरीली गैसें खत्म होने लगीं, बादल साफ होने लगे, और अम्ल वर्षा बंद हो गई। ब्लैक स्कॉर्पियन्स बुरी तरह हार चुके थे।
कैलाश ने भागने की कोशिश की, लेकिन कबीर ने उसे अंतिम गोली मार दी।
आदित्य ने घावों के बावजूद डिवाइस को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया। अब, वर्षों बाद, धरती फिर से सांस ले सकती थी।
अंत या नई शुरुआत?
क्या मानवता इस जहरीली दुनिया को फिर से जीने योग्य बना पाएगी?
क्या आदित्य और रिया अब सुरक्षित जीवन जी पाएंगे?
या फिर... कोई और नया खतरा आने वाला था?

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